मेयो क्लिनिक के अनुसार, टेस्टिकुलर कैंसर 15-35 साल के युवाओं में आम है। शुरुआती लक्षणों में अंडकोष में दर्द रहित गांठ, सूजन या भारीपन शामिल हैं। क्रिप्टोरकिडिज्म और पारिवारिक इतिहास जोखिम बढ़ाते हैं। समय पर इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है।
टेस्टिकुलर कैंसर: युवाओं में बढ़ता खतरा, जानें शुरुआती लक्षण
Source: Patrika Hindi