शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) हर महीने 'गुरुद्वारा गजट' प्रकाशित करती है, जिसमें सभी गुरुद्वारों की आय-व्यय की जानकारी होती है। 1925 का सिख गुरुद्वारा अधिनियम पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, जिसमें दान पेटियों पर दो ताले और विशेष सील होती है। हालांकि, पिछले 12 सालों से चुनाव नहीं हो पाए हैं, लेकिन अब तक दान की चोरी की कोई घटना नहीं हुई है।
101 साल पुराना कानून गुरुद्वारों के दान का हिसाब कैसे रखता है?
Source: BBC Hindi