मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि किसी के रंग-रूप, कद-काठी या अंग्रेजी बोलने से जाति तय नहीं हो सकती। अदालत ने चेन्नई कस्टम्स के असिस्टेंट कमिश्नर एम. रविकुमार का SC सर्टिफिकेट फर्जी ठहराने वाले विजिलेंस कमेटी के आदेश को रद्द कर दिया। कमेटी ने उन्हें गोरा, लंबा और अंग्रेजी बोलने वाला बताकर दलित मानने से इनकार किया था। कोर्ट ने इसे बेतुका और सबूतों से रहित माना।
मद्रास हाईकोर्ट: रंग-रूप से जाति तय नहीं, SC सर्टिफिकेट रद्द करने का आदेश पलटा
Source: Zee News Hindi