बिहार के जमुई में एक नाबालिग लड़की के साथ यौन हिंसा की घटना के बाद मोरल पुलिसिंग पर बहस छिड़ गई है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय कानून में मोरल पुलिसिंग की कोई कानूनी मान्यता नहीं है, और यह निजी स्वतंत्रता तथा मौलिक अधिकारों को प्रभावित करती है।
जमुई यौन हिंसा के बाद मोरल पुलिसिंग पर बहस तेज़
Source: BBC Hindi