गुजरात के कच्छ में वन अधिकारी जयेश दुमाडिया और उनकी टीम को पाकिस्तान सीमा के पास काला डूंगर इलाक़े में गश्त के दौरान एक दुर्लभ अफ़्रो-एशियन सैंड स्नेक दिखाई दिया। यह प्रजाति कच्छ में करीब 150 साल बाद देखी गई है। विशेषज्ञों ने तस्वीरों और वीडियो के आधार पर सांप की पुष्टि की। यह खोज कच्छ की जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कच्छ में 150 साल बाद दुर्लभ अफ़्रो-एशियन सैंड स्नेक मिला
Source: BBC Hindi