क्रॉनिक किडनी डिजीज हृदय रोग का बड़ा कारक है, जिससे हार्टअटैक, हार्ट फेल्योर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। किडनी की कार्यक्षमता घटने पर हृदय पर दबाव बढ़ता है और हाई ब्लड प्रेशर किडनी को नुकसान पहुंचाता है। शुरुआती सीकेडी में लक्षण नहीं दिखते, इसलिए ईजीएफआर, यूरिन एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन अनुपात और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच जरूरी है।
किडनी और हृदय के स्वास्थ्य का गहरा संबंध, समय पर जांच जरूरी
Source: Lokmat Hindi