एक नए अध्ययन के अनुसार, रोजाना 12,000 या अधिक कदम चलने वाले किशोरों में चिंता, उदासी और व्यवहार संबंधी लक्षण सबसे कम पाए गए, जबकि 5,000 से कम कदम चलने वालों में ये लक्षण सर्वाधिक थे। 5,515 किशोरों पर किए गए इस शोध में 1,000-2,000 कदम की बढ़ोतरी भी बेहतर मस्तिष्क संरचना और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी पाई गई। विशेषज्ञों ने स्कूल पैदल जाने और खेलों में भाग लेने जैसे आसान उपाय सुझाए हैं।
किशोरों में ज्यादा चलने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
Source: Lokmat Hindi